अर्जुन की छाल:- वात को बहुत तेजी से काम कर देती है रक्त को शुद्ध करती है इसे चाय के स्थान पर पिये ,एक ग्लास दूध मे अर्धा चम्मच अर्जुन की छाल का पावडर डाल के पिये | रक्त की ऍसिडिटी खतम करता है ,हार्ट अटेक नाही होता |अर्जुन की छाल का काढा बनाकर गुड ,खाड,काकवी ,मिश्री डाल कर पीजीए रक्त को शुद्ध करता है | रक्त की आम्लता हि हार्ट अटॅक का कारण है अर्जुन की छाल का अर्धा चम्मच पावडर पाणी मे खूब गरम कर ले ,सुबह सुबह पी ले हृदय रोग ठीक होता है . हृदय मे ब्लॉकेज ४-६ महिने मे ठीक हो जात है | कमजोर दिलवालों के लिये सबसे अच्छा है अर्जुन की छाल का काढा नवम्बर ,डिसेम्बर ,जनवरी तीन महिने तक पिये |
बेल पत्र:- ५ पत्ते पत्थर पर पीस कर एक ग्लास पाणी मे उबाले पाणी आधा रहने पर ठंडा करके पिये देढ -२ महिने मे २० साल पुराना ब्लड प्रेशर खतम हो जायेगा ,बेल पत्र को सुखाकर पावडर बनाकर रखे| सर्दी खासी के लिये ,गले के लिये अद्रक -काली मिर्च मुह मे रख लो खासी ठीक हो जाती है |
अद्रक:- अमृद गरम करके खाओ गले का इन्फेकशन खतम हो जाता है , अनार का रस गरम करके पियो |लहसून दही साथ मे ना खाये | दूध के साथ आम -केला ले सकते है | सारे फल दही के साथ अच्छे है |
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