ठंडा गरम

चौथा सूत्र:-हमेशा ठण्डे पानी से नहाना चाहिये और गुणगुणा पानी पीना चाहिये |

थंडा पानी कभी नहीं पीना, शरीर का तापमान देख कर पानी पिना चाहिए |
थंडा पानी पिणे से पेट थंडा हो जाता है तब शरीर का सारा रक्त उसे गर्म करणे के लिये पेट कि तरफ आता है जिसके कारण अन्य अंगो मे रक्त की कमी हो जाती है इससे ब्रेन हेमरेज, हार्ट अटैक ,लकवा जैसी कही बिमारीयाँ हो सकती है | आपको मल त्यागनेमे समस्या आयेगी जिससे आपको पाइल्स, बवासीर,भगंदर जैसे रोग होते है | पानी तब भी पिजिये गर्मी मे मिट्टी के मटके का पानी पी सकते है क्योकी मटके मे रखा पानी कमरे के तापमान के आस -पास ही रहाता है |गर्म भोजन के पश्चात थंडी आईस्क्रीम और थंडी चीजे कभी नहीं खानी चाहिये |

शरीर आपका है जीवन आपका है आप स्वयं हि अपने आप को निरोगी रख सकते हैं |

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