सौन्दर्य चिकित्सा

सौन्दर्य चिकित्सा

टूथपेस्ट का इस्तेमाल कभी ना करें। ये सब टूथपेस्ट जानवरों की हड्डियों के पावडर और फ्लोराइड से बनते है। जिससे फ्लोरिसस नाम की बीमारी होती है। भारत के पानी में पहले से ही बहुत फ्लोराइड है। झाग के लिए सिंथेटिक डिटरजेंट डाला जाता है। सोडियम लॉरेल सल्फेट से केंसर होता है। ब्रश के साथ मिलकर आपके मसूड़ों को नुकसान पहुँचाता है। सरे टूथपेस्ट एन्टीएनक्लाइन हैं। लार की क्षमता को कम करते हैं। 

दाँत साफ करने के लिए कई तरह के दातुन हैं।

1) अर्क(मदार), न्यग्रोध (वट), खैर, करंज(डिठोहरी), कुकुम(अर्जुन), नीम, बबूल, महुआ, आम, जामुन आदि वृक्षों के दातुन करने चाहिये।

2) दंतमंजन करें। 

3) घर मे बना सकते है:-त्रिफला चूर्ण 100 ग्राम/मेथी दाने का चूर्ण 50 ग्राम/काला नमक2चम्मच मिलाकर तवे पर भून ले फिर एक डिब्बे में रखकर सुबह-शाम उँगुली से मंजन करें।

4) सरसों का तेल 1/2 कटोरी / पाव चम्मच हल्दी / आधा चम्मच काला नमक मिलाकर सीसी में भर ले, सुबह-शाम मसुड़ो में मालिस करें। मसूड़ों में कभी खून नहीं आयेगा, मसुड़े मजबूत होंगे, मुँह में बदबू नहीं आयेगी। दाँत के हर रोग में फायदेमंद है। सर्दी में आम, अमरूद, जामुन। बारिश में आम, अर्जुन हर दो-तीन महीनों में अपना दातुन बदलते रहे।

नहाने में साबुन का इस्तेमाल ना करें। साबुन आपकी त्वचा को रूखा और कठोर बनाती हैं।


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