चुना

चुना

जो पान मै चुना लागाकर खाते है उन्हे कभी वात के रोग नही होंगे चुने मै कॅल्सिम का भांडार है |

चुने मै कॅल्शियम होता है कंमर दुखना, हार तरह का दर्द, हड्डीयो के रोग, कफ के रोग, रक्त नही बनता, हड्डीयो को जोड़ने का काम चुना करता है, कॅल्शियम के बिना दुसरे पोषक तत्त्वो का कोई महत्त्व नही है | दूध ,दही ,मठ्ठा ,संत्रा ,आम ,केला जो भी खा राहे है ऊन सबसे कॅल्शियम मिलता है |

४०-४५ कि आयु के बाद कॅल्शियम का पाचन होणं कम होता है अतिरिक्त चुना अवश्य खाये ,पान चुने के साथ खाये कतथे के साथ नही क्यूकी कतथा स्वाद के रूप मै उपयोग होता है और चुना औषधी के रूप मै उपयोग होता है |भोजन के बाद पान अवश्य खाये गेहरे रंग का कासेला पान उसमे चुना लगाये सौफ ,अज्वाईन ,इलायची ,लोंग,गुलकंद ,गुड डाल सकते है |चुने मै कॅल्शियम होता है ,जो वात का नाश करता है और पान पित्त कफ का नाश करता है |चबाणे से लार बनती है पान खाकर अप जीवनभर निरोगी रह सकते है |

स्त्रीयो कि समस्या - स्त्रीयो के लिये मासिक मै चुना सबसे अच्छा |मट्टी के मट्के मै एक चणे जीतना डाल दो | सभी गाठ कैंसर नही होती है गाठ घुलती भी है | चुने का पाणी दो-तीन चम्मच (एक गेहू के दाणे जितना ) दही मै मिलाकर सुबह सुबह खाली पेट खाओ | जिनकी आयु ५० वर्ष हो गइ है मासिक बंद हो गया है और मासिक समस्या है ,रोज चुना खाये |

महिलाओ के - युटेरस मै ,स्तन मै अनवॉन्टेड ग्रोथ ,रसोली ,गाठ ,मासिक धर्म पुरी तरह बिगड जाये ,२-३ महिने मासिक धर्म ना आये ,५-१०-१५ दिन मै मासिक आ जाये संपर्क के समय बहुत खून आये ,शरीर मै कमजोरी या आलस्य आये |सभी गाठ कॅन्सर नही होती है ब्रेस्ट पर गाठ आये तो चुना खाइये | बांझपण कि सबसे अच्छी दवा है ,बार बार गर्भपात होता है तो चुना खिलाईये कभी गर्भपात नही होगा |अनार के रस मै सबसे ज्यादा आयरन होता है ९ मास तक गर्भकाल मै खाये तो सामान्य प्रसव होगा ,बच्चा स्वस्थ होगा ,स्मरण शक्ती तीव्र होगी ,और जीवन मै कभी बिमार नही पडेगा |

नपुसंकता ,वीर्य मै शुक्राणू काम है ,स्त्रीयो मै अंडे कम है ,शरीर कि लम्बाई बढने के लिये ब्रेस्ट का डेव्हलोपमेंट नही हुआ है ,जॉईंट पैंन है आंखो कि रोशनी कम है ,बाळ झडते है मेसेन्स जलद आ राहा है ,मेनॉपॉनि सुरू हो गया है ,आस्टिओ क्लासिस ,अस्थीया कमजोर हो गई है |नपुसंकता कि बिमारी खतम होती है |

वीर्य मै शुक्राणू कीं कमी : २-३ गन्ना के रस मै चुना मीलाकर शुक्राणू बनेंगे|
स्त्रीयो मै अंडे नही बनते :गन्ना के रस मै चुना मीलाकर खाये |

लांबाइ नही बढती ,दिमाग कमजोर है ,त्वचा सुखी है ,गाठीया रोग ,वात के रोग ,स्पॉन्डीलिटीएस -हाथ पैर सुन्न होते है ,चुना खाईए पान मै ,छाछ मै दही मै डालकर लै |

आलस्य - गुलकंद का पान चुना लगाकर खाये |

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