चार धिमे जहर


नमक:- नमक बदल दो, रिफाईण्ड नमक कभी ना खायें बाजार में जो नमक आ रहा है । उसके पोषक तत्व रिफाईण्ड करके निकाल लिये जाते हैं। आयोडीन नमक हमेशा ब्लड प्रेशर बढ़ाता हैनपुंसकता आती हैवीर्य की ताकत कम कर देगा और ब्लड में आवश्यकता । से अधिक आयोडीन हो जाता है। एक्स्ट्रा फ्री फ्लो के लिये नमक में से आवश्यक नमी को निकाल लिया जात है और फ्री फ्लो बनाने के लिये उसमें एल्यूमीनियम सिलिकेट डालाजाता है जिससे अस्थमा की समस्या उत्पन्न होती है। खाने में काला नमक या सेंधा नमक का प्रयोग करें। इसमें सोडियम की मात्रा कम होती है मैग्नीशियम, कैल्शियम, पोटेशियम आदि का अनुपात संतुलित होता है। सेंधा नमक शरीर के भीतर के विष को कम करता हैऔर थायराईड, लकवा,मिर्गी आदि रोगों को रोकता है।

शक्कर:- शक्कर ना खायें शक्कर छोड़कर कुछ भी खा सकते हैं गुड़, काकवी, बूरा, खाँड़, शक्कर में एक भी पोषक तत्व नहीं है। शक्कर बनते ही फॉस्फोरस खत्म हो जाता है एसिड बनता हैहजम भी नहीं होता, चीनी को पचाना पड़ता है। खून को गाढ़ा बनाता हैऔर कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है। सल्फर के बिना शक्कर नहीं बनती और सल्फर पटाखों में ` इस्तेमाल होता हैखाना खाने के बाद आपने शक्कर खाली, तो आपका खाना कभी नहीं पचने देगा और तब आपको 103 बीमारियों की शुरुआत हो जायेगी। कभी सोचा गुड़ 60 रु. शक्कर 35 रु. में मिलती है, कैसे बेचते हैं?वह भी कई दिनों की अतिरिक्त मेहनत और प्रोसेस के बाद बनता है।

रिफाईण्ड और डबल रिफाईण्ड तेल:- हमेशा शुद्ध तेल का उपयोग करें, शुद्ध तेल 4 मतलब कच्ची घानी का निकला हो। शुद्ध तेल वात,पित्त और कफ को शान्त रखता है। कच्चा तेल घानी का 240 रु. का मिलता हैरिफाईण्ड तेल 120 से 150 रु. का मिलता है, कैसे बेचते हैं?वह भी कई दिनों की मेहनत और प्रोसेस के बाद बनता है। क्योंकि तेल के सारे प्रोटीन तत्व निकाल लिया जाता है और तब आप शुद्ध वस्तु नहीं कचरा खाते हैं। यही रिफाईण्ड और डबल रिफाईण्ड तेल कई रोगों का कारण बनता है। तेल को एक बार गर्म करने पर तेल खत्म हो जाता है रिफाईण्ड तेल को केमिकल डालकर 6-7 बार गर्म किया जाता हैऔर डबल रिफाईण्ड तेल को 12-13 बार गर्म किया जाता है।इसमें पेंॉम तेल भी मिलाया जाता है।

मैदा:- मैदा गेहूँसे बनता है मैदा बनाने के लिये मैदे में से सारे आवश्यक फायबर निकाल लिया जाता है जो आपके रक्त को पतला करता है और आपका भोजन पचाता है। मैदा का सेवन कभी नहीं करें नूडल्स, पिज्जा, बर्गर, पावरोटी, डबल रोटी, बिस्कुट आदि कभी ना खायें से सब सड़े हुये मैदे से बनते हैं और इसमे जानवरों की चर्बी मिलाई जाती है। मैदे की रोटियाँ भी रबर जैसी होती है मैदा अंतड़ियों में जाकर चिपक जाता है जो स्वास्थ्य के लिये हानिकारक है। नूडल्स :- खाने में सबसे कचरा खाद्य सड़ा हुआ मैदा है,4-5 दिन मैदे को सड़ाते हैं।फिर जानवरों की चर्बी और जानवरों के मांस का रस डालते हैं।

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