अपनी बीमारी को स्वयं ठीक करने की कोशिश करें |

पंद्रहवाँ सूत्र:-अपनी बीमारी को स्वयं ठीक करने की कोशिश करें |

दिन के प्रारंभ में सबसे पहले बिना कुल्ला किये तांबे के बर्तन का या गुनगुना पानी पीना चाहिए जिसे उषा पान कहते है |रात भर जी लार मुँह में बनती है वह सुबह सुबह पेट में जनि चाहिए यह लार बहुमूल्य है | ब्रह्म - मुहर्त की लार बहुत आवश्यक है |

स्वस्थ व्यक्तियों के स्वस्थ्य की रक्षा करना और रोगियों को रोग मुक्त करना ही आयुर्वेद है |

हर अक्षर मंत्र है, हर पौधा औषधि है, हर जिव काम का है, इन्हें यथायोग्य उपयोग मई लेन वाला व्यक्ति दुर्लभ है |

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