घी

गाय का घी:- वात को शांत रखता है गाय का घी वर्षा और ग्रीष्म ऋतू मे अधिक खाये, शुद्ध तेल वात को शांत रखता है |

  • विटामिन A के लिये दूध,दही मक्खन, घी खाईये |प्रोटीन के लिये उडद कि दाल,मोट कि दाल, मूंग कि दाल खाईये इसमे एक चमच शुद्ध गाय का घी डालकर खाये आप स्वस्थ और निरोगी रहेंगे | दूध मे घी डालकर खाये सारे रोग दूर हो जायेंगे |
  • गर्भावस्था मे गर्भाशय का खिसकना, माँ कमजोर है - मेथी का दाना,गुड गाय के घी के लड्डू बनाकर २०- २५ दिन खिलाओ |
  • एक गिलास के दूध मे एक चमच गाय का घी डालकर रोज रात को सोने से पहले पिने से सामान्य प्रसव होगा, गाय के दूध का दही जमाकर उसमे गेहू के दाने के बराबर चुना मिलाकार खाये साथ में २-३ केले खा लें,हो साके तो सप्ताह में एक बार गोमूत्र पी लें बच्चा स्वस्थ पैदा होगा |
  • दुनिया मी सबसे ज्यादा वात के हि रोग है घुटने दुखन्ना,पिट या कमर मी दर्द आना, सर मी दर्द आना,कोलेस्ट्रॉल बदना, हार्ड अट्याक आना, पॅरालिसिस होना, ब्रेन का डॅमेज होना - गाय के घी का सेवन करें |
  • सर्दी ,जुकाम, नाक बहती है छिक आती है ,सर दर्द सायनस, ब्रेन में थक्क जमता है, तणाव है | गाय का घी एक -एक बुंद दोनो नाक में डालकर सोने से गहरी नींद आयेगी और खराटे बंद हो जायेंगे |बच्चो को मक्कन मिश्री खिलाये | गाय का घी दूध में, गर्म पानी में दाल में डालकर खाये |
आचार - आचार में तेल, मेथी ,अज्वाईन, जिरा, जिंग,दालचिनी आदी पड गये तो यह आचार नहीं औषधी है ऐसे अवश्य खाये | पानी कि मेथी से ज्यादा असरदार आचार कि मराठी होती है |

दोपहर को खाना है तो चना -गुड-मूंगफली खाये, और अच्छा है चना - गुड -मूंगफली ज्यादा खा लिया हो तो उपर से थोडी सी सोढ जरूर चाट लें | बाजारा खाये तो गुड - घी अवश्य खाये |

Comments

Popular posts from this blog

आर्थिक संकटात सापडलेल्या गाव-खेड्यांतील मंदिरांना शासनाने तातडीने आर्थिक साहाय्य द्यावे – हिंदु जनजागृती समिती

श्री दत्तजयंतीका महत्त्व

सूर्य षष्ठी (छठ) पूजा