पचन

सातवा सूत्र:-भोजन करणा महत्तवपूर्ण नहीं है, भोजन को पचना महत्वपूर्ण है |

आप जहाँ रहते हैं की जलवायू एवं भौगोलिक परिस्थिती का ध्यान रह भोजन करें |

जिस प्रदेश ये स्थान पर जिस प्रकार उपलब्ध हो वही उचित भोजन करना चाहिये, क्योकी वहा कि जल, जमीन, जलवायू वहा कि प्रकुती उसी प्रकार का भोजन उपलब्ध कराते हैं, प्रकुती के विरुद्ध भोजन कभी ना करें |

समय और प्रकुती के साथ चलना हि आयुर्वेद विज्ञान हैं |

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