रत्नो से अधिक बहुमूल्य हमारा शरीर और हमारा जीवन है |
ग्यारहवाँ सूत्र:-रत्नो से अधिक बहुमूल्य हमारा शरीर और हमारा जीवन है |
शारीरिक श्रम ६० वर्ष तक काम नहीं करना चाहिए | १ से १८ वर्ष तक खेलना चाहिए |१८ से ६० वर्ष तक म्हणत करनी चाहिए | ६० से १०० वर्ष तक मेहनत धीरे-धीरे कम करते जायें और आराम ज्यादा करना चाहिए |
प्रातः कल वायु शुद्ध रहती है इसलिए प्रातःकाल योग और ध्यान करें |सांसारिक व्यक्ति ही मोक्ष धारण कर सकता हैं | धर्म की मर्यादा मे रहकर अर्थ संपादन करें, कामनाओं की पूर्ति करें और मोक्ष प्राप्ति के लिए प्रयत्न करें |
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